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सोमवार, 18 जून 2012

नैनीताल भाग 7



 मालरोड की सैर  

शाम का रंगीन नजारा है और शमा प्यारा -प्यारा है  


हम स- परिवार 9 जून को बाम्बे से नैनीताल चले थे ..आज तारीख 11 है और हम सुबह से घूम रहे है ...सारे साईट सीन देखकर और  नैनीझील की सैर करके अब हम माल रोड घुमने निकले है ....



 झील में घुमने का अपना ही मजा हैं ..ठंडी -ठंडी हवा से हमें ठंडी लगने लगी ...हम झील से निकलकर चल दिए मालरोड पर घुमने ,सारा मालरोड खचा -खच भरा था ..सैलानी,बच्चे .बड़े सब मस्ती से चले जा रहे थे ..हम  भी चल दिए ...एक जगह रूककर हमने चाय और नाश्ता किया ..होटल का नाम था अन्नपूर्ण -होटल नाम के अनुसार खाना और बिल दोनों अच्छे थे ....माल रोड पर दुकाने सजी हुई थी ..नैनीताल की फेमस मोमबतियो की दुकानो में  तरह -तरह की मोमबतियो सजी थी ..यहाँ लकड़ी का सामन भी  सस्ता मिलता  हैं  ...


नैनीताल की फेमस मोमबतीयाँ 


मालरोड की रंगीनियाँ अपने शबाब पर 


चलिए गोलगप्पे खाए जाए 


आलू टिकियाँ और आलू चाट 



यह हैं  मुंग की दाल का वेज आमलेट ..टेस्टी -टेस्टी 


यह हैं चाकलेट और बादाम की खीर 40 रु की एक  ...वैरी टेस्टी !



ठंडी बढ़ने लगी हैं ..हवा भी तेज चल रही हैं ...पीछे पुराना चर्च दिख रहा हैं  पर मिस्टर ऊपर न जाने  क्या देख रहे हैं ....???


 
ठंडी ज्यादा लगने लगी तो एक ताजा शाल खरीद कर ओढना पड़ा  





यह हैं मिलिट्री -बैंड ...कुछ राशि देकर लोग इनके संगीत का मजा लेते हुए ..


 भारत के पहले राष्ट्रपिता   डॉ, राजेन्दर प्रसाद  का यह स्टेचू मालरोड पर  हैं .. यहाँ से बाए और का रास्ता नैनादेवी माता के मंदिर को जाता  हैं ..वही पास ही एक गुरुद्वारा हैं और नेपाली मार्केट भी  ....


नयनादेवी माता का मंदिर 






मंदिर में प्रवेश करते ही हनुमानजी की प्रतिमाँ  



जब हम नयना देवी मंदिर पहुंचे तो  मंदिर में  आरती चल रही थी  


आरती के बाद मंदिर की सीढियों पर हम लोग 




यह हैं माता के दरबार में मन्नतो की चुनरीयां  


और यह हैं नैनीताल  शहर की रोशनियाँ और रोशनियों में नैनीझील का अक्स 



और यह हैं नयना देवी मंदिर के पास ही गुरुद्वारा साहेब ..यहाँ ठंडी हवा काफी चल रही थी हमने वही से कुछ शाले और स्वेटर खरीदे ...


यह हैं गुरूद्वारे साहेब का अंदर का द्रश्य ,रागी जत्था अमृत रस बरसा रहा हैं 



मंदिर से लौटते हुए रात  हो गई ..और भूख  भी लगाने लगी  सो, खाना खाने चल  दिए ..वापसी में अपने होटल लौट आए ..आज बहुत थक गए थे .कल हमको  अल्मोड़ा और कौसानी जाना हैं .... 

जारी ----


20 टिप्‍पणियां:

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

नैनीताल की सैर तो ठीक है पर ये बहुत नाइंसाफी है .... आलू की टिक्की दिखा कर ललचा रही हैं .....

सुंदर पोस्ट

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

हमें भी सैर करवाई आभर..... सुंदर चित्र हैं

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

आभार

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

अच्छी प्रस्तुति...

दर्शन कौर धनोय ने कहा…

अरे, संगीता दी खाइए ...यहाँ पैसा भी नहीं देना पड़ेगा हा हा हा हा हा

दर्शन कौर धनोय ने कहा…

thanx monika ...

दर्शन कौर धनोय ने कहा…

थंक्स शास्त्री जी ..आपका ही शहर है ...

डॉ टी एस दराल ने कहा…

आज की पोस्ट में माल ही माल नज़र आ रहा है --माल पर खाने का माल !
दूसरी फोटो पर एक किस्सा याद आ गया . जब हम पहली बार यहाँ आए थे १९८५ में तब इस दुकान से कैमरे में रील डलवाई थी . पैसे देते समय दुकानदार ने गलती से हमें पचास रूपये ज्यादा वापस कर दिए . हमें जब पता चला तो वापस आकर उसको लौटा दिए . वो बेचारा इतना अहसानमंद हुआ --उसने हमारा एक फोटो अपनी दुकान में खिंचा और बाद में घर पर पोस्ट कर भेज दिया .

RITESH GUPTA ने कहा…

आज की पोस्ट में माल रोड बहुत ही खूबसूरत लगा.....| सोमवार को हम भी यही होगे....| मेरे लिए कोई advice दर्शन जी....क्योंकि आप तो अभी यहाँ पर घूम कर आये हो...
nice post.

दर्शन कौर धनोय ने कहा…

रितेश सुनकर बहुत अच्छा लगा की आप नैनीताल जा रहे है ..नैनीताल के अलावा आप गवर्नर हाउस जरुर देखे ... मेरा मिस हो गया और मिस्टर की वजय से भी ज्यादातर स्थान छुट गए.. सातताल देखे और वो स्थान जहाँ कहते है की दुनिया ख़तम हो गई ..वो स्थान कैसा होगा मैं जानने को आतुर हूँ .. और कैमल - बेक भी अगर हो सके तो आप जरुर जरुर जाए ....

RITESH GUPTA ने कहा…

नमस्कार दर्शन जी.....मैं आपके सुझाये जगह पर जाने की कोशिश करुगा ....सुझाब के लिए धन्यवाद...|
पर कैमल बेक नहीं जा सकूंगा क्योंकि यह तो मेरे ख्याल से मसूरी में हैं....
वो स्थान जहाँ कहते है की दुनिया ख़तम हो गई-यह कहाँ पर हैं कृपया मुझे बताये....
धन्यवाद

amanvaishnavi ने कहा…

maasi maa, sachmuch bahut hi khoobsurat jagah hai nainitaal, ek baar jaroor jaunga.

ब्लॉ.ललित शर्मा ने कहा…

सारे चित्र फ़ेसबुक पर देखने के बाद यहाँ देखे। मजा दुगना हो गया। शाब्बास ऐसे ही लगाते रहो।

G.N.SHAW ने कहा…

dhanoy ji aap ke sath safar sundar chal rahi hai .chatapata item dekh kar jibh me pani bhar aaya

niranjan jain ने कहा…

बढ़िया चित्रण है नैनीताल दोबारा जाने को मन करता है

Rakesh Kumar ने कहा…

आपकी नैनताल यात्रा शानदार चल रही है.
आपको गोल गप्पे,आलू की टिक्की,मूंग की दाल का चीला
खाते देख मुँह में पानी आ रहा है.

मैं भी पिछले महीने यू एस के टूर पर था.
कुछ दिन पहले ही लौटा हूँ.नेट पर भी ज्यादा आना नहीं हो पा रहा.
आपसे नाराजगी ? तौबा तौबा जी.
आपकी नैनीताल यात्रा की शुरू वाली कड़ी पढ़ी थी.
धीरे धीरे और भी पढूंगा.

यात्रा वृतांत लिखने में आप सिद्धहस्त हैं,दर्शी जी.

Anju (Anu) Chaudhary ने कहा…

लगता हैं एक बार फिर से नैनीताल जाना पड़ेगा

ZEAL ने कहा…

Lovely pics ! A place worth visiting.

सदा ने कहा…

बेहद आनन्‍ददायक चित्र एवं प्रस्‍तुति ... आभार

Vidhan Chandra ने कहा…

खाने वाले फोटुओं से हमारे मुहं में भी पानी आ गया !!