मेरे अरमान.. मेरे सपने..


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गुरुवार, 23 जून 2011

जब इश्क तुम्हे हो जाएगा ..!






इस दिल की लगी को तुम तब पहचानोगे ?
जब ' इश्क 'तुम्हे हो जाएगा 
तुम मेरी तरह बन जाओगे 
जब प्यार का बादल बरसेगा 
तुम मेरी तरह तर जाओगे 
    जब इश्क तुम्हे हो जाएगा ..! 
  तुम मेरी तरह बन जाओगे ..!




जब किरणों में ठंडक होगी !
जब भंवरो में गुंजन होगी !
जब फूलो पे बहारे होगी !
जब नदियो में लहरे होगी !
तब इश्क तुम्हे हो जाएगा ! 
तुम मेरी तरह बन जाओगे ! 




तुम बादल बन जाना --
मैं मेधा बन बरसुंगी --
तुम पवन बन जाना --
मैं झोंका बन जाउंगी --
तुम मोसम बन जाना --
मैं ऋतू बन आउंगी --
तुम मयूर बन जाना --
मैं कोयल बन गाऊँगी --
तुम सागर बन जाना --
मैं नदी बन मिल जाउंगी --
तुम याद बन जाना --
मैं सीने से लग जाउंगी --
जब तुम्हे इश्क हो जाएगा 
तुम मेरी तरह बन जाओगे !
     





वो इश्क जो दुनिया को भुला दे !
वो इश्क जो नहरों को खुदवा दे !
वो इश्क जो पहाडो को कटवा दे ! 
वो  इश्क जो फूलो को खिला दे ! 
वो इश्क  जो खुदा से मिला दे !
जब इ श्क तुम्हे हो जाएगा !
तुम मेरी तरह बन जाओगे ! 




इस दिल की लगी को तुम तब पहचानोगे 
जब इश्क तुम्हे हो जाएगा  !
तुम मेरी तरह बन जाओगे ...! 





31 टिप्‍पणियां:

दर्शन कौर धनोए ने कहा…

@दोस्तों, कम्प्यूटरजी की मेहरबानी के रहते इतने दिन आपसे दूर रही ...जल्दी ही बाम्बे की अगली कड़ी लेकर आउंगी ...धन्यवाद !

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

"ye isq nahi aasaan,
aag ka dariya hai,
uss paar jana hai"
hai na..........:)
sach me aap ne jab ye rachna likhi lagta hai, ek dum se apne ko uss purane jeevan ke mor pe pahucha diya...:)...

bahut dino se aap dikhe nahi,...
lekin aate hi aapne ek shandaar agaaj kiya..!

Er. सत्यम शिवम ने कहा…

प्रेम ही प्रेम..बहुत ही सुंदर रचना।

वर्ज्य नारी स्वर ने कहा…

Khuda-ye ishk ko salam

वर्ज्य नारी स्वर ने कहा…

Khuda-ye ishk ko salam

वर्ज्य नारी स्वर ने कहा…

Khuda-ye ishk ko salam

वर्ज्य नारी स्वर ने कहा…

Khuda-ye ishk ko salam

सदा ने कहा…

तुम मेरी तरह बन जाओगे ...!

वाह .. बहुत खूब कहा है आपने इस अभिव्‍यक्ति में बेहतरीन ।

Rakesh Kumar ने कहा…

इस दिल की लगी को तुम तब पहचानोगे
जब ईश्क तुम्हे हो जाएगा !
तुम मेरी तरह बन जाओगे ...!

ना ना करते आखिर आपने 'इश्क'करा ही दिया दर्शी जी.
तडफ रहें हैं अब तो.
इंतजार है,बेकरारी है
तौबा ये इश्क है या कोई गंभीर बिमारी है.
क्या कोई इसका इलाज भी है आपके पास ?

mahendra srivastava ने कहा…

क्या कहूं.. वकाई बहुत सुंदर

डॉ टी एस दराल ने कहा…

बहुत सुन्दर । दिल के सारे अहसास उंडेल दिए जी ।

संजय भास्कर ने कहा…

वाह!!!वाह!!! क्या कहने, बेहद उम्दा

संजय भास्कर ने कहा…

कुछ व्यक्तिगत कारणों से पिछले 20 दिनों से ब्लॉग से दूर था
इसी कारण ब्लॉग पर नहीं आ सका !

ब्लॉ.ललित शर्मा ने कहा…

अमीर खुसरो कह गए हैं…
खुसरो दरिया प्रेम की वां की उलटी धार,
जो उतरा सो डूब गया, जो डूबा सो पार।

मस्त कविता रची है। मजा आ गया।

artijha ने कहा…

hum to ho gae aapke diwane....maa...aap mane ya na maane............mujhe aapse ho gaya ishq...ab aap hi jaane

संध्या शर्मा ने कहा…

जब ईश्क तुम्हे हो जाएगा !
तुम मेरी तरह बन जाओगे ...!

वाह .. बहुत खूब .... प्रेम की सुंदर अभिव्‍यक्ति...........

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

बहुत सुंदर रचना दर्शनजी.... कोमल प्यारे भाव

: केवल राम : ने कहा…

इस दिल की लगी को तुम तब पहचानोगे
जब ईश्क तुम्हे हो जाएगा !
तुम मेरी तरह बन जाओगे ...!

यही तो प्रेम की चरम परिणति है ..!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

आपकी इस उत्कृष्ट प्रवि्ष्टी की चर्चा आज शुक्रवार के चर्चा मंच पर भी की गई है!

sushma 'आहुति' ने कहा…

behtreen prastuti...

Kailash C Sharma ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति..

Udan Tashtari ने कहा…

बेहतरीन अभिव्यक्ति जज्बातों की..

संगीता पुरी ने कहा…

बहुत बढिया .. आपके इस पोस्‍ट की चर्चा आज की ब्‍लॉग4वार्ता में की गयी है !!

Er. सत्यम शिवम ने कहा…

कल "शनिवासरीय चर्चा" में आपके ब्लाग की "स्पेशल काव्यमयी चर्चा" की जा रही है...आप आये और अपने सुंदर पोस्टों की सुंदर काव्यमयी चर्चा देखे और अपने सुझावों से अवगत कराये......at http://charchamanch.blogspot.com/
(25.06.2011)

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत सुन्दर ...
अचानक ही एक शेर याद आगया ... ग़ालिब कहते हैं

इश्क ने ग़ालिब निकम्मा हमको कर दिया
वरना हम भी आदमी थे काम के ..

ana ने कहा…

वाकई ..कमाल की लेखनी ....बधाई

सुरेन्द्र "मुल्हिद" ने कहा…

बहुत ही सुन्दर गज़ल लिखी है आपने!

एम सिंह ने कहा…

दिल की लगी और दिल्‍लगी शै ही ऐसी है
शैतान को भी भगवान बना दे.

दुनाली पर देखें
बाप की अदालत में सचिन तेंदुलकर

Chandra Bhushan Mishra 'Ghafil' ने कहा…

इतनी सुन्दर रचना और इतने सारे सुन्दर कमेंट...समझ में नहीं आता कि हम क्या लिखें इसपर... बस वाह! वाह! वाह!

Sunil Kumar ने कहा…

हम तो यही कहेंगे यह इश्क इश्क है इश्क ...........

veerubhai ने कहा…

मेरे जैसे हो जाओगे जब इश्क तुम्हें हो जाएगा ,
दीवारों से टकराओगे जब इश्क तुम्हें हो जाएगा ।
अच्छी भाव पूर्ण समर्पण भाव की प्रस्तुति .