मेरे अरमान.. मेरे सपने..


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मंगलवार, 30 दिसंबर 2014

"यह साल"


"यह साल"
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साल निकल रहा है....
...कुछ नया होता हैँ....
कुछ पुराना पीछे रह जाता है....

...कुछ ख्वाहिशें दिल में रह जाती है....
कुछ बिन मांगे मिल जाती है....
कुछ छोड़ कर चले गए....
...कुछ नए जुड़ेंगे इस सफ़र में...|

कुछ मुझसे ख़फा है?
...कुछ मुझसे बहुत खुश है...
कुछ मुझे भूल गए ?
..कुछ मुझे याद करते है ...
...कुछ शायद अनजान है?
कुछ बहुत परेशां है ......
कुछ को मेरा इंतजार है...
...वो मिलने को बेकरार है.....
कुछ का मुझे इन्तजार है...?
...पर वो मुझसे मिलने को तैयार नहीं |
कुछ सही है?
....कुछ गलत भी हैँ |
देखे नया साल क्या देता है...
..और क्या लेता है....

इस साल कुछ गलती हो गई तो माफ़ कीजियेगा....
...और कुछ अच्छा लगे तो याद कीजियेगा...


--- दर्शन कौर धनोए *$%&@#÷






4 टिप्‍पणियां:

Dilbag Virk ने कहा…

आपकी इस प्रस्तुति का लिंक चर्चा मंच पर वर्ष २०१५ की प्रथम चर्चा में दिया गया है
नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ

संजय भास्‍कर ने कहा…

उम्मीद जगाती पंक्तियाँ..नये वर्ष की शुभकामनायें..

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

सार्थक प्रस्तुति।
--
नव वर्ष-2015 आपके जीवन में
ढेर सारी खुशियों के लेकर आये
इसी कामना के साथ...
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Kavita Rawat ने कहा…

नए साल पर सार्थक चिंतन प्रस्तुति
आपको नए साल की हार्दिक मंगलकामनाएं!