मेरे अरमान.. मेरे सपने..


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गुरुवार, 5 नवंबर 2015

फिर मिलूंगी कब ???



फिर मिलूंगी कब ???
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मैं तुमसे फिर कब मिलूंगी ?
 कब ! कब ???
जब चन्द्रमा अपनी रश्मियाँ बिखेर रहा होगा तब ।
या जब जुगनु टिमटिमा रहे होंगे ?
या जब रात का धुंधलका छाया होगा ?
या जब दूर सन्नाटे में किसी के रोने की आवाज़ होगी तब ?
या कहीं पास पायल की झंकार  होगी ?
या चूड़ियों की कसमसाहट होगी तब  ?
क्या मैँ तुमसे मिल  पाउंगी ---?


तीसरे पहर की वो अलसाई हुई सुबह ---
उस सुबह में पड़ती ओंस की नन्ही नन्ही बूंदें---
 दूर~~पनघट से आती कुंवारियों की हल्की सी चुहल--
या रात की रानी की बेख़ौफ़ खुशबु ---
 नींद से बोझिल मेरी पलकें और
उस पर सिमटता मेरा आँचल...?
बोलो ! क्या मैं तुमसे तब मिल पाउंगी ..?


सावन की मस्त फुहारों के बीच 
झूलों की ऊँची उड़ानों के साथ
पानी से भीगते दो अरमानों के साथ 
या हवा में तैरते कुछ सवालों के साथ
क्या, तब मैं तुमसे मिल पाउंगी ?


थरथराते होठों के साथ
सैज पर बिखरी कलियों के साथ
मिलन के मधुर गीतों के साथ 
ढ़ोलक पर थिरकती उँगलियों के साथ
या गूँजती शहनाई की लहरियों के साथ
क्या सच में ! मैं तुमसे मिल पाउंगी ----?

इन्हीं उधेड़े हुए कुछ पलो के साथ

 कुछ गुजरी ,कुछ गुजारी यादों के साथ
खामोश गाती ग़ज़लों के साथ 
आँखों से बह निकले तिनकों  के साथ 

कुछ यू ही अलमस्त ख्यालों के साथ
क्या हम फिर मिल पायेगे....

क्या हम मिल पायेगे ...💓 







14 टिप्‍पणियां:

Hari Sharma ने कहा…

Milna ham dono
ka bhi to
hai aur kisi ka
hi nirnay.

राकेश कौशिक ने कहा…

वाह

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (07-11-2015) को "एक समय का कीजिए, दिन में अब उपवास" (चर्चा अंक 2153) पर भी होगी।
--
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
--
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

ब्लॉग बुलेटिन ने कहा…

ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, आज बातें कम, लिंक्स ज्यादा - ब्लॉग बुलेटिन , मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

ब्लॉ.ललित शर्मा ने कहा…

मिलते हैं जल्द ही :)

Jamshed Azmi ने कहा…

उत्‍कृष्‍ट रचना की प्रस्‍तुति।

Nitish Tiwary ने कहा…

बहुत सुंदर और भावपूर्ण रचना, मुझे खुशी होगी अगर आप मेरे ब्लॉग पर आएँगे.
http://iwillrocknow.blogspot.in/

दर्शन कौर धनोय ने कहा…

तुमसे तो मिल ली ☺

दर्शन कौर धनोय ने कहा…

थॅंक्स राकेश जी

दर्शन कौर धनोय ने कहा…

थॅंक्स शास्त्री जी

दर्शन कौर धनोय ने कहा…

थॅंक्स

दर्शन कौर धनोय ने कहा…

हा क्यों नहीं बिटियाँ की शादी भी जल्दी आ रही है बोरिया बिस्तर बांध लो

दर्शन कौर धनोय ने कहा…

थॅंक्स आजमी साहब

दर्शन कौर धनोय ने कहा…

थॅंक्स नितीश