* याद आते हो तो कितने ----
अपने -से लगते हो तुम ----
वर्ना, हर लम्हां गुजरता हे ----
तुम्हारे ख्यालो में ----
चुप -सी आँखों में आज ----
फिर वही सवाल उठा ----
क्या राहत मिलेगी मुझे ----
इन बंद फिजाओ में ----!
खेर, अँधेरे भी भले -जीने के लिए ----
गैर, हो जाते हे सभी चेहरे उजालो में----
मुस्कुराओ तो भी अच्छा हे ----
बेरुखी भी भली तुम्हारी ----
बेअसर हे सभी बाते यहाँ मलालो में ----
याद आते हो तो एहसास -ऐ -ख़ुशी मिलती हे ----
यूँ तसल्ली भी गिरफ्तार हे सो (१००) तालो में----|
अपने -से लगते हो तुम ----
वर्ना, हर लम्हां गुजरता हे ----
तुम्हारे ख्यालो में ----
चुप -सी आँखों में आज ----
फिर वही सवाल उठा ----
क्या राहत मिलेगी मुझे ----
इन बंद फिजाओ में ----!
खेर, अँधेरे भी भले -जीने के लिए ----
गैर, हो जाते हे सभी चेहरे उजालो में----
मुस्कुराओ तो भी अच्छा हे ----
बेरुखी भी भली तुम्हारी ----
बेअसर हे सभी बाते यहाँ मलालो में ----
याद आते हो तो एहसास -ऐ -ख़ुशी मिलती हे ----
यूँ तसल्ली भी गिरफ्तार हे सो (१००) तालो में----|