मेरे अरमान.. मेरे सपने..


Click here for Myspace Layouts
मुम्बई की सैर ( 2 ) लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
मुम्बई की सैर ( 2 ) लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शनिवार, 11 जून 2011

मुम्बई की सैर :--मेरी नजर में ( 2 )


 " ये है बाम्बे मेरी जान " 

 गेट -वे -आफ-इंडिया  

( चलिए आज आपको मैं एलिफेंटा की गुफाओं की सैर करवाती हूँ )


२9 मई 2011दिन -रविवार :---

मेरी सहेली रुकमा अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ मुम्बई शादी में  आई हैं --मुझे उन सब को घुमाना है हम कुल १२लोग है ..कल हमने एलिफेंटा -केव्ज़  देखने का प्रोग्राम बनाया ...

मै सुबह ७ बजे की लोकल वसई से पकड़कर चर्चगेट पंहुंची --डेढ़ घंटे में, मैं चर्चगेट पहुंच गई ..वो लोग अँधेरी से बैठे  --हमे चर्चगेट मिलना था --सबसे पहले हम लोग मरीन ड्राइव पर घुमने पहुंचे ..सुबह का  खुश गवार मंजर था ----शांति थी-- सन्डे होने के  कारण  मरीन ड्राईव सुनसान थी वहां  की ठंडी हवा हमे मदहोश कर रही थी --बच्चो ने जिद पकड़ ली की हमे 'मुन्ना भाई वाली 'लोकेशन दिखाओ --ठीक है तो चलिए आप भी देखे :---



(मुन्ना भाई वाली लोकेशन ~~~~बच्चे खुश ..) 


( इतना मत हंस यार ..पत्थर तिडक जाएगे  ) 


(मरीन  ड्राईव पर पड़े सीमेंट के पत्थर )  




(रुकमा और शेलु )

( स्तुति रुकमा की भतीजी )

यहाँ से हम सीधे गेटवे आफ इंडिया पहुंचे ...


( यह है होटल ताज महल पुराना )


( यह है होटल ताजमहल नया )
  
( मैं और आरुशी  )  


                 यहाँ से हमने फेरी ली , फेरी यानी मोटर बोट ..किराया --१३० रु एक व्यक्ति का !यहाँ से एक घंटे मै हम एलिफेंटा केव्ज़ पहुंचेगे ...हम सब फेरी मे चल दिए ..मै खुद पहली बार वहाँ जा रही थी ..


(  टिकट -खिड़की )

( यह है फेरी यानी मोटर बोट )


(  विशाल ~~~~~~अरब सागर ) 

(  दूर होता~~~` ताजमहल होटल )

(मेरे साथ का महिला वर्ग )


( शेलु, रुकमा और मैं =मस्ती भरा है शमा ...) 


( रास्ते मे खड़े बड़े -बड़े जहाज )



(यह तो केमरे में ही नही आ रहा ...इता बड़ा ...) 


(दो फोटू लगा देती हूँ ~~~तेल से भरा जहाज )


( एक और तेल वाहक जहाज )



(जहाज और फेरी ~~~~~वाह ! ) 


( नाश्ते का दोर~~~ चल रहा है ) 


(आखिर बैठने की जगह मिल ही गई )


(यहाँ भी नाश्ता चल रहा है )



( एक घंटे का कुछ -कुछ  उबाऊ सफर )



(आखिर मंजिल नजदीक आ ही गई )


(वो ~~~~रहा दिव्प-समूह )  
  

( पहुंच~~~~~~~~~~~~~गए जी )




(फेरी से उतर कर चल पड़े मिनी ट्रेन के पास )

(स्तुति और मैं ~~~`मिनी ट्रेन में )


( स्तुती मिनी ट्रेन के पास )


(रास्ते की सुंदर~~द्रस्यावली )


(ब्रह्मा, विष्णु और महेश )


(खूबसुरत शमां ~~~~~~~और कहाँ ~`यहाँ ,यहाँ,यहाँ ..)



(जिन्दगी एक सफर है सुहाना ......)

छोटी -सी मिनी ट्रेन में जिसका किराया था १० रु हम आराम से गेट तक पहुंच गए ..यहाँ से आगे का सफर शुरू होता है --यहाँ भी 5 रु.इंट्री फ़ीस अब , यानी उपर जाने के लिए सीडियां ...अरे बाप से .....    



(उपर जाने का मार्ग )


 शेष  अगली किस्त मे ~~~~~~~~~~~मिलते है !!! 


जारी --------