* शादी की सालगिरह *
आज मेरी शादी की 32वी सालगिरह हैं .......एक खूबसूरत दिन !
आन्नद -कारज का द्रश्य
छोटा भाई ..फेरे करवाता हुआ
मेरी सहेली रुकमा, भाई व् कजिन बहन
इस ज्योति की तरह हमेशा हमारा जीवन जगमगाता रहे
" जीवन डोर तुम्ही संग बाँधी "
जीवन के अंतिम चरणों तक जो साथ हमारा निभाता हैं--
जीवन -साथी वही कहलाता हैं !
जीवन साथी वही कहलाता हैं !
जीबन की नैया को जो पार लगता हैं --
जीवन साथी वही कहलाता हैं !
जीवन साथी वही कहलाता हैं !
जब -जब मुझ पर दुःख आया तो ,
तुमने मेरा साथ दिया ,
हर मुश्किल आसान कर दी ,
जीवन को गुलज़ार किया ---!
सात जन्मो के इस रिश्ते को ,
साजन तुमने नाम दिया !
मेरी हर अनदेखी गलती को .
प्रीतम तुमने मान दिया ---!
रानी मुझको बनाकर अपनी ,
ममता का सौभाग्य दिया --!
हर पल मेरे तन के सुख पर,
अपना जीवन तार दिया --!
मुझसे शुरू होती हैं उनके जीवन की हर खुशियाँ !
मुझ पर ही ख़त्म होती हैं उनकी इच्छा और रंगीनियाँ !
ऐसे जीवन साथी को रब ने मुझ पर वार दिया --!
दुनियां की हर रस्म निभाकर ,
जब उनसे नाता जोड़ा था ,
क्या पता था जीवन के इस अग्नि -पथ पर --
संग -संग चलना मुश्किल होगा ,
अंगारों से भरी जमीं होगी ,
और झुलसता आसमान होगा,
पर, तुम्हारे साथ ने प्रियतम हर मुश्किल को आसान किया --!
अंतिम इच्छा हैं रब से ---
उनका हरदम साथ मिले ...
हर जन्म में वो ही हो वर मेरे
ऐसा मुझको वरदान मिले ......!
इस मधुर बेला पर मेरे समस्त दोस्त आमंत्रित हैं ....दर्शन कौर










