" ये है बाम्बे मेरी जान "
मुम्बई मैं हर समुंदर तट पर लोगो की भीड़ होती हैं -जिन्हें चोपाटी कहते हैं -- इनमे कुछ तो काफी प्रसिध्य हैं जैसे ---
जुहू -चोपाटी -- जो सांताक्रूज़ (अँधेरी )में हैं !यहाँ हर समय पर्यटकों की भीड़ लगी रहती हैं |
दूसरी हैं--गिरगांव चोपाटी --जो मेरिन ड्राईव पर हैं !यहाँ गणेश विसर्जन होता हैं !
तीसरी हें --दादर चोपाटी !यहाँ भी गणेश विसर्जन होता है !
चोथी-- चोपाटी बहुत खतरनाक हैं --यहाँ उपनगर मलाड से होकर जाया जाता हैं इसे मार्वे -चोपाटी कहते हैं --यहाँ का समुंदर कटा-फटा होने से कई बार दुर्धटनाऐ हो जाती हैं !
पांचवी चोपाटी--गोराई बीच कहलाती है --भाईंदर (उपनगर ) से जाया जाता हैं -- एकदम साफ !कम भीड़ वाली जगह मुझे बहुत पसंद हैं यह बीच !इसी बीच पर फेमस खेल घर ' एसेलवर्ड 'हैं !
चलिए आज आपको जुहू -चौपाटी की सैर करवाती हूँ :---
यह बीच मुंबई का एक मुख्य पर्यटन स्थल होने के साथ ही फिल्म निर्माताओं की विशेष पसंद हैं। इस सागर तट को कई हिंदी एवं अन्य भाषाओं की फिल्मो में दिखाया गया हैं। जुहू बीच के साथ जुहू चौपाटी भी काफी प्रसिद्ध है।
जुहू बीच मुंबई (मुंबई) के केंद्रीय उपनगर में एक खूबसूरत स्थान है. इस बीच विले पार्ले, Santa Cruz और अंधेरी से पहुँचा जा सकता है. जुहू बीच मुंबई के लिए विश्राम स्थल के रूप में माना जाता है ...
दूर~~~ चाट और भेल की दुकाने
भेलपूरी मुम्बई की शान समझी जाती हैं यहाँ जैसी भेल कही नहीं मिलती ..यह मेरा अनुभव हैं...बारिश मैं दुकानो तक सागर का पानी आ जाता हैं
रगडा पेटीज ---यहाँ का एक फेमस चाट
बंदर का नाच
गंदगी का साम्राज्य
जुहू -बीच पर बहुत गंदगी रहती हैं
कलाकार भी है यहाँ
रेत की कलाकारी
चौपाटी बीच छोटे दुकानों से भरा स्थल है. भेल पुरी, पानी पुरी और पाँव -भाजी मुख्य नाश्ता हैं , समुद्र तट विक्रेताओं, खिलौने की बहुतायत दुकाने होती हैं यहाँ सिप के गहने और सजावटी समान भी मिलते है ..यहाँ आप ऊंट की सवारी का मजा ले सकते है ..
ऊंट की सवारी और बग्गी की सवारी
बारिश में अपने रास्ते से भटका एक जहाज जुहू बीच पर अटका
लौटती लहरे
यहाँ का रोमांच ही अलग हैं
पानी में खड़े होकर जब लहरे लौटती है तो जो एहसास होता है वो बया नही किया जा सकता ...पैरो से सरकती बालू का एक अलग ही अनुभव होता हैं ..ऐसा लगता हैं जैसे धरती पैरो से निकल रही हो ....
यहाँ आप बग्गी में बैठ कर सागर का मजा ले सकते हैं ~~~~सावधान ! यह बग्गी वाले ऊँट वाले बहुत लुटेरे हैं .....मोलभाव करके ही बैठे ...
















