* वेश बदलकर हम फकीरों का *
रोज तेरे दर पर सजदा करते हैं
* हैप्पी बर्थ डे *
अपने सबसे अजीज मित्र के जन्म- दिन पर क्या शुभकामना दू --यहीं सोच रही हूँ ...
दिल में अरमान हैं की तुम उगते हुए सूरज की तरह रोशन रहो ...तुम बुलंदी की सीढियाँ यु ही चढ़ते रहो ..कभी भी तुम्हारे कदमो में राहो के रोड़े न आए ---हमेशा फूल की तरह खिले रहो ...और यह दिन हम दोस्तों के साथ हमेशा मनाते रहो ...खुश रहो ........आमीन !
( एक छोटी -सी कविता ललित को सप्रेम भेट हैं ..).
दिल हैं सोने वरगा तेरा ..
तन से लोहा लगते हो ...
दोस्तों के लिए बसंत हो तुम ?
सबके दिल में बसते हो .........!
यारो के लिए यार हो तुम ..
हर महफ़िल की शान हो तुम ...
दुःख तुमसे पनाह मांगते हैं ...
खुशियों पर निसार हो तुम .....!
मूंछे तेरी वल्लाह -वल्लाह ...
चेहरे पर यु फब्ती हैं ...
भोली -भाली आँखें तेरी ...
नीलकमल -सी दिखती हैं .....!
जिसके पीछे पड़ जाते हो ?
नानी याद दिला देते हो ?
बुरी नियत वालो को खुद ही --
कोंसो दूर भगा देते हो .....!
तुझसा दोस्त पाकर हमने ---
स्नेह से दामन भर लिया ---
अरमानो से सजा ली डोली ---
और खुशियों से मन तर लिया ---!
ऐसा ही प्रेम बनाए रखना ---
दिल से दूर कभी न करना ---
'दोस्ती' में यदि कोई अड़चन आए तो ---
कहना -सुनना ,,फिर माफ़ कर देना ----!
यह दिन तुम्हारे जीवन में हर दिन खुशियाँ लेकर आए !
इसी तरह मनाते रहो होली .और यु ही दिवाली भी आए !
इसी मंगल कामना के साथ तुम्हारी दोस्त ......दर्शन कौर !


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