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रविवार, 18 सितंबर 2011

जनम-दिन मुबारक


तुम जिओ हजारो साल 
साल के दिन हो पचास हजार 


मेरा  बेटा --सन्नी ~~~~'लिफाफा छोडूंगा  नहीं ! '



जनम -दिन मुबारक 


मेरी जिन्दगी में हादसों की कोई कमी नहीं हैं ---कभी -कभी इंसान चाहकर भी कुछ कर नहीं पाता  ! मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ ---जब शादी को ३ साल गुजर गए और मेरी गोद हरी नहीं हुई तो मेरी अम्मा (सास ) का परेशां होना लाजमी था --उन्होंने घर में वाक् -युध्य छेड़ दिया --जिसके परिणाम स्वरूप मुझे घुटने   टेकने  ही पड़े --- मेरे बस  में तो कुछ था नहीं --मैने  हार मान ली थी, पर अम्मा हार मानने वालो में नहीं थी ---

अब शुरू हुआ मेरा लम्बा छोली -यात्रा ' अभियान --यानी हर मंदिर ,मजार ,गुरुद्वारा में जाकर पुत्र-कामना का ढोल बजाना ---मेरी भाभी मेरी सहेली के घर जब चिराग रोशन हुए तो मेरी कत्ल की रात फिर शुरू ...

हर मन्दिर-गुरूद्वारे में जब माथा रगडा  तो 'मन्नतो' का स्टाक जमा होने लगा-- तो,लगा की कहीं भूल न जाऊ और मेरी इसी नादानी का भगवान कोई गलत डिसीजन न ले ले सो, एक बुक में लिखना शुरू किया -- की कहाँ  क्या मन्नत की हैं और उसे कब पूरी करना हैं  --? आज जब सोचती हूँ तो अपनी नादानी पर हंसी आती हें --

खेर,  आखिर में जब मैं  अजमेर अपने भाई के लिए लडकी देखने गई तो माताजी के कहे अनुसार मुझे मजार पर भी जाना था --खुदा को याद दिलवाना था की ' भाई ,यह अत्याचार मेरे ही साथ क्यों ??? 


अजमेर शरीफ की मजार पर जाकर मेरी मामी ने जियारत करवाई और चादर चढाने की मन्नत की  ---मैने भी  अपना माथा रगडा और मन्नत का धागा बंधवाया -- विशवास तो था नहीं ?फिर भी ---

"कई बार हम अपनों के हाथो की कठपुतली बन जाते हैं --और चाहकर भी कुछ कर नहीं पाते .----?"
पर 'शायद' अजमेर जाना मेरा सफल हुआ --मुझे उस अकाल मूरत पर विशवास हुआ --- कुछ दिनों बाद मेरे घर में 'सन्नी' का जनम हुआ ---उसी दिन मेरे देवर सन्नी दयोल की पहली फिल्म देख कर आए थे --फिल्म थी --बे -ताब ! और इस तरह  सन्नी का नामाकरन भी हो गया ---

मेरा बेटा 
(सन्नी के ब्लॉग पर जाने के लिए यहाँ क्लिक करे )


आज सन्नी का जनम- दिन हैं   
18 सितम्बर 1983 



( सन्नी जब ४ महीने का था )




(सन्नी जब 6 महीने का था --मेरी गोद में )


( सन्नी जब ८ महिने का था )



( सन्नी का पहला जनम-दिन--अपने बड़े अंकल के साथ केक काटते हुए  )



( अपने पापा के साथ -- पहले  जनम -दिन पर  )




यह हैं सन्नी का दूसरा जनम-दिन --- मिस्टर, देवर, ननदों और ननदोइयो के साथ 




(अपने  दादा -दादी की गोद में~~~~~~ सन्नी )





(सन्नी का पांचवा जनम-दिन )


(अपने चाचा  की शादी में ~~~सन्नी )




( मेरा पूरा परिवार )




 ( एक फंक्शन में रांझा बना हुआ  ) 




(सन्नी-- जब स्कुल जाने लगा ) 




(शिमला ~~1995 में रोहतांग पर बर्फ में फिसलते हुए   )




( वेश्नो देवी की यात्रा पर ---- 2003 में --- हमारा परिवार )  




(के. सी. कालेज ऑफ़ इंजीनियर कालेज~~~कालेज फंक्शन में   )    


(कालेज की मस्ती ~~~~~  wow)




( Go-karting~~~~~~~~~ सन्नी ..)




(एडवेंचर ~~~~~~~~~सन्नी ) 




( विजिट ऑफ़ ~~~लोनावाला ) 






( पवई (अँधेरी ) अपने आफिस  के बाहर~~~~ सन्नी  !)




(अपने आफिस के साथियों के साथ ~~~सन्नी )






(मुंडा तैयार हैं ~~~~शादी  के लिए )






हैप्पी बर्थ ड़े ~~~~~~सन्नी