मालरोड की सैर
हम स- परिवार 9 जून को बाम्बे से नैनीताल चले थे ..आज तारीख 11 है और हम सुबह से घूम रहे है ...सारे साईट सीन देखकर और नैनीझील की सैर करके अब हम माल रोड घुमने निकले है ....
झील में घुमने का अपना ही मजा हैं ..ठंडी -ठंडी हवा से हमें ठंडी लगने लगी ...हम झील से निकलकर चल दिए मालरोड पर घुमने ,सारा मालरोड खचा -खच भरा था ..सैलानी,बच्चे .बड़े सब मस्ती से चले जा रहे थे ..हम भी चल दिए ...एक जगह रूककर हमने चाय और नाश्ता किया ..होटल का नाम था अन्नपूर्ण -होटल नाम के अनुसार खाना और बिल दोनों अच्छे थे ....माल रोड पर दुकाने सजी हुई थी ..नैनीताल की फेमस मोमबतियो की दुकानो में तरह -तरह की मोमबतियो सजी थी ..यहाँ लकड़ी का सामन भी सस्ता मिलता हैं ...
नैनीताल की फेमस मोमबतीयाँ
मालरोड की रंगीनियाँ अपने शबाब पर
चलिए गोलगप्पे खाए जाए
आलू टिकियाँ और आलू चाट
यह हैं मुंग की दाल का वेज आमलेट ..टेस्टी -टेस्टी
यह हैं चाकलेट और बादाम की खीर 40 रु की एक ...वैरी टेस्टी !
ठंडी ज्यादा लगने लगी तो एक ताजा शाल खरीद कर ओढना पड़ा
यह हैं मिलिट्री -बैंड ...कुछ राशि देकर लोग इनके संगीत का मजा लेते हुए ..
नयनादेवी माता का मंदिर
मंदिर में प्रवेश करते ही हनुमानजी की प्रतिमाँ
जब हम नयना देवी मंदिर पहुंचे तो मंदिर में आरती चल रही थी
आरती के बाद मंदिर की सीढियों पर हम लोग
यह हैं माता के दरबार में मन्नतो की चुनरीयां
और यह हैं नैनीताल शहर की रोशनियाँ और रोशनियों में नैनीझील का अक्स
यह हैं गुरूद्वारे साहेब का अंदर का द्रश्य ,रागी जत्था अमृत रस बरसा रहा हैं
मालरोड की रंगीनियाँ अपने शबाब पर
चलिए गोलगप्पे खाए जाए
आलू टिकियाँ और आलू चाट
यह हैं मुंग की दाल का वेज आमलेट ..टेस्टी -टेस्टी
यह हैं चाकलेट और बादाम की खीर 40 रु की एक ...वैरी टेस्टी !
ठंडी बढ़ने लगी हैं ..हवा भी तेज चल रही हैं ...पीछे पुराना चर्च दिख रहा हैं पर मिस्टर ऊपर न जाने क्या देख रहे हैं ....???
ठंडी ज्यादा लगने लगी तो एक ताजा शाल खरीद कर ओढना पड़ा
यह हैं मिलिट्री -बैंड ...कुछ राशि देकर लोग इनके संगीत का मजा लेते हुए ..
भारत के पहले राष्ट्रपिता डॉ, राजेन्दर प्रसाद का यह स्टेचू मालरोड पर हैं .. यहाँ से बाए और का रास्ता नैनादेवी माता के मंदिर को जाता हैं ..वही पास ही एक गुरुद्वारा हैं और नेपाली मार्केट भी ....
नयनादेवी माता का मंदिर
मंदिर में प्रवेश करते ही हनुमानजी की प्रतिमाँ
जब हम नयना देवी मंदिर पहुंचे तो मंदिर में आरती चल रही थी
आरती के बाद मंदिर की सीढियों पर हम लोग
यह हैं माता के दरबार में मन्नतो की चुनरीयां
और यह हैं नैनीताल शहर की रोशनियाँ और रोशनियों में नैनीझील का अक्स
और यह हैं नयना देवी मंदिर के पास ही गुरुद्वारा साहेब ..यहाँ ठंडी हवा काफी चल रही थी हमने वही से कुछ शाले और स्वेटर खरीदे ...
यह हैं गुरूद्वारे साहेब का अंदर का द्रश्य ,रागी जत्था अमृत रस बरसा रहा हैं
मंदिर से लौटते हुए रात हो गई ..और भूख भी लगाने लगी सो, खाना खाने चल दिए ..वापसी में अपने होटल लौट आए ..आज बहुत थक गए थे .कल हमको अल्मोड़ा और कौसानी जाना हैं ....
जारी ----



























































