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मंगलवार, 29 दिसंबर 2020

कर्नाटक डायरी #14

कर्नाटक-डायरी
#मैसूर -यात्रा
#भाग=14
#26 मार्च 2018

कुर्ग से आकर हमने 1 दिन आराम किया और दूसरे दिन चल दिये वापस मैसूर की सैर पर..
आज दोपहर का खाना खाकर हमने औला -कार मंगवाई ओर हम चल दिये "शुकावन" देखने.
मैसूर में ही स्थित हैं शुकावन पार्क।

शुकावन यानी शुक वाना :--

2000 से अधिक पक्षियों का घर हैं  शुकावन ....प्रकृति प्रेमियों के लिए ये वरदान स्वरूप हैं यहां 450 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पक्षी रहते हैं और यह 1 एकड़ के क्षेत्र में फैला हैं.. 50 मीटर ऊंची एवियरी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हैं.. इस एवियरी  (पक्षियों के लिए खुला आकाश) में सबसे अधिक पक्षी प्रजातियों को रखने का रिकॉर्ड  है। यह एक अनोखा पार्क हैं जिसे आमतौर पर तोता पार्क के रूप में जाना जाता है...।
ये श्री गणपति सचिदानंद आश्रम हैं इसमें अवधूत दत्त पीठम का एक हिस्सा है, और यह आश्रम घायल और परित्यक्त पक्षियों के पुनर्वास का भी केंद्र  हैं। इस खूबसूरत बाड़े में   तोते की कई दुर्लभ प्रजातियाँ पाई जाती हैं।

ये आश्रम सुबह 9:30 से 12:30 तक ओर 3:30 से 5:30 तक खुला रहता है। ये बुधवार को बन्द रहता हैं और इसकी एंट्री फ्री हैं।

आश्रम के मेन गेट से अंदर आकर हमको काफी खुला स्थान दिखाई दिया वही हमको एक पुरानी रॉल्स रायल कार एक कांच के केबिन में रखी दिखाई दी आगे जाकर दूर से हमको बजरंगबली की काफी बड़ी ओर ऊंची मूर्ति दिखाई दे रही थी, नजदीक जाकर देखा तो बहुत ही सुंदर हनुमानजी का मन्दिर नजर आया...मन्दिर में इस समय कोई नही था..थोड़ा आगे बढ़ने पर भगवान राम लक्ष्मण और सीताजी का भी मन्दिर दिखाई दिया जो बहुत ही खूबसूरत बना हुआ था। लेकिन वहां फोटू खींचना मना था इसलिए कोई फोटू नही खींच सकी।
आश्रम के अंदर पहुंचकर देखा कि ये बहुत ही सुन्दर पार्क बना हुआ हैं।
अंदर पक्षियों की सुंदर सुंदर मूर्तिया लगी हुई थी..आश्रम काफी साफ सुधरा था...अब हम उस जगह पर आए जिधर पिंजरों में बड़े बड़े विदेशी  तोते रक्खे हुए थे उनको देखते हुए हम अंदर की तरफ बढ़ गए, अंदर बड़े बड़े हाल बने हुए थे जिनमें तरह-तरह के पक्षी उड़ रहे थे । प्रत्येक हॉल में लाल,पीले,काले पक्षी उड़ रहे थे ...अगर आप इन पक्षियों के साथ अंदर जाकर फोटू खिंचवाते हो तो छोटी चिड़ियों के साथ 100 ₹ ओर बड़े विदेशी तोतो के साथ 150₹ का टिकिट कटवाना  पड़ेगा और  आप पिंजडे के अंदर जाकर दाना खिलाते हुए फोटू खिंचवा सकते हो।उस हालत में पंछी आपको घेर लेगे ओर आपके सर पर ,कंधे पर ओर हाथ में बैठ जायेगे। हमने भी एक फोटू खिंचवाया ओर रोमांचक अनुभव प्राप्त किया।जब पक्षी आपको चोंच मारते है और आपके हाथों से दाना चुगते हैं तो जो आनंद की अनुभूति होती हैं वो अद्वितीय हैं।

आश्रम में बोनसाई पार्क भी था,जिसमें एक से बढ़कर एक बोनसाई पेड़ लगे थे लेकिन उसका  टिकिट था परंतु हम देखने नही गए,इसके साथ ही एक संग्रहालय भी था लेकिन उसका भी टिकिट था परन्तु हम उसको भी देखने नही गए।

अगर आप पक्षी -प्रेमी हैं तो अपनी मैसूर यात्रा में आप शुकावन देखने जरूर जाये।
शुकावन में चलते चलते हम थक गए थे इसलिए फटाफट ओला पकड़कर हम घर को चल दिये।
क्रमशः....







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