मेरे अरमान.. मेरे सपने..


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शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2021

प्यार की विडंबना


उसको प्यार है अपने प्यार से ! 
मुझको प्यार है अपने प्यार से !
न वो भूल सकता है अपने प्यार को! 
न मैँ छोड़ सकती हूँ अपने प्यार को !
अजीब विडम्बना है !

फिर क्या समानता है;
हम दोनों के प्यार में ? 
यही की ___ 
" हम दोनों का प्यार पर विश्वास है" ?
"हम दोनों का प्यार अटूट है "?
या __?
"हम दोनों ने प्यार के नाम पर धोखा खाया है" ?
प्यार! 
धोखा !!
प्यार !!!
धोखा!!!!
दो अलग -अलग नाम! 
पर एक दूसरे के पूरक !

"क्या हम दोनों को अपने -अपने  प्यार को परखना चाहिए "?
या__ 
जलने दे अपने - अपने 'दम्भ' को प्यार की चिता पर....
या__ 
किनारा कर ले और तौलने दे समय को प्यार की कसौटी पर....🙄

आगाज़ यही है; अंजाम खुदा जाने ....😍

---दर्शन के दिल से

4 टिप्‍पणियां:

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत द्वंद्व है मन में । प्यार है तो दम्भ कहाँ ।

दर्शन कौर धनोय ने कहा…

नमस्कार दीदी🙏बड़े दिनों बाद दर्शन हुए😊😊

Admin ने कहा…

मनोहर रचना है Thanks You.
आपको Thanks you Very Much.
बहुत अच्छा लिखते हाँ आप
हम लगातार आपकी हर पोस्ट को पढ़ते हैं
दिल प्रसन्न हो गया पढ़ के
.

दर्शन कौर धनोय ने कहा…

धन्यवाद सर जी