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शनिवार, 21 फ़रवरी 2026

शिव के 5 तत्वों वाले मन्दिर

तमिलनाडु डायरी ★5
कांचीपुराम


18जनवरी 2026



12 जनवरी को बॉम्बे से चलकर मैं 13 की रात 3 बजे त्रिची पहुँची। हमने श्री रँगनाथ स्वामी,जम्बुकेश्वर मन्दिर ओर 3दिव्यदेशम मन्दिरो के अलावा तन्जोवर के ब्राहतेश्वर मन्दिर के दर्शनकर के कुम्भकोलम के मन्दिरो के दर्शन कर चिदम्बरम घूमे,अब आगे:---
हम चिदम्बरम के मन्दिर घूम के आज कांचीपुराम जाने वाले है क्योकि 3 दिन कार वाले के पूरे हो गए थे।हमने ये 3 दिन की यात्रा 15 हजार में बुक की थी तन्जोवर से कांची तक।


रात हमने चिदम्बरम मन्दिर के ठीक सामने एक होम स्टे में गुजारी थी हम शाम को जल्दी आ गए थे तो एक ऑटो करके हम बाजार चले गए थे जिधर मेरी सहेली ने 15 हजार की साड़ियां खरीदी थी। रात को हम मन्दिर के अन्दर गए पर भीड़ अधिक देखकर वापस रूम में आ गए।यहाँ हमको 1 ही रूम 1800 so रुपये में मिला जिसमे 2 बड़े बड़े बेड थे ।रात को थोड़ी गप्पे मारी ओर सौ गए।
सुबह जल्दी उठकर मन्दिर पहुँचे।भीड़ कम थी । ये शिवजी का 2 रा तत्व था और मन्दिर का नाम था:-


नटराज मन्दिर।
यहाँ से हम डायरेक्ट कांचीपुरम पहुँचे।चिदम्बरम से कांची की दूरी 190 km है जो हमने 4 घण्टे में पूरी की।


हम 11बजे कांचीपुरम के मन्दिर में प्रवेश कर रहे थे।


ये मन्दिर शिवजी का 3 रे तत्व का प्रतिनिधित्व करता है।ये "पृथ्वी तत्व" को दर्शाता है।


यहाँ काफी भीड़ थी तो हमने 100 रु की पर्ची कटाई ओर लाईन में लग गए।


100 की लाइन भी अच्छी खासी थी।मेरा इस मन्दिर में दूसरी बार आना हुआ है ।पहले मैं कांचीपुरम आ चुकी हूं खेर, हमने दर्शन किये आराम से ओर बाहर आकर अगले मन्दिर कांची कामाख्या मन्दिर को चले।ये मन्दिर माता कांची यानी पार्वती को समर्पित है।थोड़ी भीड़ यहाँ भी थी।इसके बाद हम वरदराजन मन्दिर गए जो विष्णुजी को समर्पित था परंतु बहुत भीड़ होने से हमने ये मन्दिर स्किप किया वैसे भी मेरे पिछली बार दर्शन हो चुके थे।


अब हम इसी मन्दिर में  विष्णु जी के दूसरे दिव्यदेशम मन्दिर में गए जिधर जरा भी भीड़ नही थी ।दर्शन कर के हम शंकर जी के एक बहुत पुराने मन्दिर "कैलाशनॉयर " मन्दिर गए ये मन्दिर बहुत प्राचीन है 8वीं शताब्दी में बना ये मन्दिर पल्लव वंश के राजा नरसिंहवर्मन द्वतीय ने बनाया था।  ये मन्दिर बलुवा पत्थरो से बना था इसकी पत्थरो पर अंकित नक्कासी बेजोड़ थी।अलग अलग वास्तुकला का शानदार मेल था।बाहर आकर हमने ढेर सारी फोटू क्लिक की।
इस मन्दिर तक हमने रात वाले ऑटो वाले को ही बुलाया था।बड़ा प्यारा लड़का था।


12 बज गए थे अब सारे मन्दिर बन्द मिलेंगे तो हम खाना खाने चले गए।
खाना खाकर हमने थोड़ी शॉपिंग की।यहाँ हमने फिर 12,000 रुपये में एक टैक्सी की जो हमको ऑटो वाले ने ही बताई थी 15 हजार बोल रहा था बड़ी मुश्किल से 12 हजार पर आया।पर ये टेक्सी वाला पिछले ड्राइवर से थोड़ा बेहतर था।ये हमको अरुणाचलेश्वर, वेलूर दिखाता हुआ तिरुपति  छोड़ेगा।


अब हम खाना खाकर आगे अरुणाचलेश्वर मन्दिर को चले जो 118 km था।यहाँ पहुँचने में रात होने की संभावना थी।
शेष आगे...













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