तमिलनाडु डायरी ★4
चिदम्बरम
16जनवरी 2026
12 जनवरी को बॉम्बे से चलकर मैं 13 की रात 3 बजे त्रिची पहुँची। हमने श्री रँगनाथ स्वामी,जम्बुकेश्वर मन्दिर ओर 3दिव्यदेशम मन्दिरो के अलावा तन्जोवर के ब्राहतेश्वर मन्दिर के दर्शन कर के कुम्भकोलम के मन्दिरो के दर्शन भी किये अब आगे:---
कुम्भकोलम से चिदम्बरम की दूरी 52 km है जो हमने 1 घण्टे ओर कुछ मिनिट में पूरी की।
तिलाई नटराज मन्दिर :-- इस मन्दिर में भगवान शिव के अलावा विष्णु को भी पूजते है।ये आकाश तत्व का प्रतिनिधित्व करता है
यह मन्दिर शिव के आकाश तत्व का प्रतिनिधित्व करता है।
ये मन्दिर 40 एकड़ में फैला हुआ विशाल मन्दिर है।
यहाँ के गोपरम में नृत्य करती मूर्तिया बहुत ही सुंदर है।
मन्दिर के अंदर फोटू खींचना सख्त मना है इसलिए कोई फोटू नही खींच सके।फिर भी मण्डपम के ओर गोपरम के ही फोटू खींच सके है।
आगे हम पैलेस देखने गए पर वो भी आज बन्द था तो हम आगे को निकल गए।
अब हम चिदम्बरम से तिरुमलाई मन्दिर को चले जो 250 km था और ढाई घण्टे से ज्यादा का टाइम लगना था। हम इस मन्दिर में 3 बजे पहुच गए पर मन्दिर अंदर से बन्द था ।
इसके बडे बडे द्वार बंद थे ।हम बाहर ही गाड़ी में इंतजार करने लगे ।और भी गाड़ियां बाहर खड़ी थी।मन्दिर के पास ही एक रथ खड़ा था और पास ही बाजार था परन्तु ओणम के कारण सारा बाजार बंद था।
ठीक 4 बजे दरवाजा खुला ओर हम सबने अंदर जाकर दर्शन किये।मन्दिर काफी बड़ा था।अंदर गरुड़ जी की काफी बडी और लगभग सोने से जड़ित मूर्ति थी।
यहाँ दर्शनार्थियों की काफी भीड़ थी।
हमने दूर से गरुड़ जी के दर्शन किये और विष्णुजी के दर्शनों को आगे बढ़ गए।दर्शन कर हमने माता पद्मावती के दर्शन भी किये ।
यहाँ भी 3-4विष्णुजी के दिव्यदेशम मन्दिरों के दर्शन किये।और आगे को चल दिये ।
शाम हो रही थी और हमारी गाड़ी फ़र्राटे भरती हुई अपनी अगली यात्रा को तैय कर रही थी।
अब हम शिव के अगले तत्व की ओर बढ़ रहे थे।
क्रमश:.....
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