कैसे कर लेती हो ये सब ...
सुबह सबसे जल्दी उठकर ,
दिनभर की तैयारी करना ...
साफ सफाई!
किचेन!!
नाश्ता!!!
बच्चों का, पति का, बूढ़े माता पिता का,और खुद का भी ....
योगा भी कर लेती हो
सज सँवर भी लेती हो
और हाँ मोबाइल में अपडेट भी रहती हो....🥰🥰
फिर निकल पड़ती हो अपने ऑफिस अपने काम पर ...
उन पुरुषों की तरह जो उठते हैं देर से, बेड- टी माँगते हैं
बेड पर....
अखबार पढ़ते हैं
मोबाइल में चैटिंग भी करते हैं....
फिर निकल पड़ते हैं सेहत के नाम पर वॉकिंग पे ....
ओर फिर निकलते हैं अपने काम पर तुमको झिड़कते हुए,
ताने मारते हुए ....
पर तुम भी तो निकलती हो अपने काम पर ?
कैसे कर लेती हो ये सब ....।
पहुँचती हो अपने स्कूल अपने ऑफिस,
जो हो जाये कभी लेट लपेट ...
तो घूरते हैं सब ऐसे,
मानो कह रहे हों––
"क्यों तुमने की शादी!
क्यों बच्चे जने!!
क्यों बूढ़े माँ बाप को आश्रय दिया!!!
क्यों तुमने नौकरी की....
नौकरी की है तो क्या छोड़ दे अपने परिवार को?
अपने सम्मान को?
अपने स्वाभिमान को ?
पर,हँस कर टाल देती हो... उन कातर निगाहों को... जो करते हैं ईर्ष्या... तुम्हारे खुद के सहारे खड़े होने पर ...
जलते भुंजते रहते हैं... तुम्हारी स्वतंत्रता पर...तुमको मिले अधिकारों पर .....
कैसे मुस्कुरा लेती हो इन सबके बाद भी तुम!
कैसे दिन-भर काम करती हो!
पूरे मन से.....
नहीं रहना चाहतीं पीछे किसी से ....?
पीछे रह भी नहीं सकतीं हो तुम!
क्योकि,तुमको शक्ति मिली है उस परमात्मा से, उस शक्ति से, जिसे लोग नारी शक्ति कहते है।🙏
जय हो नारी शक्ति की।
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महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🏻🙏🏻🙏🏻
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